बस अब दु:ख और नहीं
Call Us: +91-124-6674671


Vicky Kaushal
NAME:

Vicky Kaushal

DATE OF BIRTH:16 May 1988
TIME OF BIRTH:12:00 AM
PLACE OF BIRTH:Mumbai, India
Vicky Kaushal kundali


विक्की कौशल फिल्म जगत मे एक नया नाम उभर कर आया है, जिसने अपने अभिनय के माध्यम से यहा दिखा दिया है कि आने वाले समय मे वह चमकते सितारे नज़र आएंगे।  आज हम उनकी कुण्डली  के बारे मे विश्लेषण करने वाले है। विक्की कौशल जी का जन्म  16 मई 1988 को सूर्य की महादशा मे मुंबई शहर मे हुआ। विक्की जी की जन्म कुण्डली  मे पंचम भाव मे विराजमान सूर्य बुध की युति ने पिता के कार्य के प्रति रुचि प्रदान की।  

1993 से 2003 तक विक्की  कौशल जी की जन्म कुण्डली  मे चंद्रमा की महादशा का समय शुरू हुआ यह समय शिक्षा और ज्ञान के बहुत ही अच्छे सुख प्रदान किए। विक्की जी की जन्म कुण्डली  मे चन्द्र गुरु के गज केसरी योग चौथे भाव मे होने के कारण कम उम्र मे ही काफी अच्छी समृद्धि के सुख प्रदान किए।  2003 मे मगल की महादशा का समय उनके जीवन मे चला यहा समय कामकाज के क्षेत्र मे काफी उतार चड़ाव वाला रहा ।

अपने कॉलेज के दूसरे वर्ष के दौरान, वह एक औद्योगिक यात्रा के लिए एक कंपनी में गए, जहाँ उन्होंने महसूस किया कि वह 9 से 5 की नौकरी नहीं कर पाएंगे। फिर क्या, नौकरी के लिए चुने जाने के बावजूद भी उन्होंने अभिनय को ही चुना। उन्होंने शुरुआत में ‘गैंग्स ऑफ़ वासेपुर’ (2010) में अनुराग कश्यप की सहायता की, जहाँ वे ‘मसान’ (2015) के निर्देशक नीरज घायवन से मिले, जिन्होंने उन्हें थिएटर करने की सलाह दी। इसके तुरंत बाद, वह रंगमंच से जुड़ गए और एक थिएटर कलाकार के रूप में काम किया और नसीरुद्दीन शाह के ‘मोटले’ और मानव कौल के अरन्या जैसे थिएटर समूहों के साथ काम किया।

मुंबई में प्रसिद्ध ‘किशोर नमित कपूर अभिनय संस्थान’ से अभिनय कौशल सीखा। विक्की  कौशल जी की जन्म कुण्डली  मे जैसे ही राहू मे राहू की महादशा का समय शुरू हुआ उनके जीवन काफी सकरात्मक छवि निकाल कर आयी और एक के बाद एक उन्होने काफी अच्छी फिल्म जगत मे पहचान बनाई।  धनस्थान मे बैठे राहु ने धन के मामले मे काफी अच्छे लाभ के योग प्रदान किए।  जनवरी 2018 मे जैसे ही राहु मे बुध का अंतर्समय आया तो यह समय उनके कला के क्षेत्र मे काफी सफल साबित हुआ।  अगस्त 2020 मे विक्की जी की जन्म कुण्डली  मे राहु की महादशा मे केतू का अंतर्समय शुरू होगा लेकिन अष्टम भाव मे विराजमान केतु के कारण यह आने वाले समय मे दुर्घटना और मानसिक तनाव के योग बनेगे। यदि समय रहते इन खराब योग के उपाय कर लिए जाए तो यह समय काफी शुभ फल देगा और साथ मे स्थान बदल कर उन्नति की ओर अग्रसर होगा।

शुभ रत्न – पुखराज 

 



 
Free Future Prediction
 
Free Prediction Yes I Can Change


Contact Info
Follow Us
           
     

We accept all these major cards

Copyright © 2005 - 2017. G D Vashist & Associates Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
हिंदी में पढ़े