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Indira Gandhi
NAME:

Indira Gandhi

DATE OF BIRTH:19 November 1917
TIME OF BIRTH:11:11 PM
PLACE OF BIRTH:Allahabad, India
Indira Gandhi kundali


आज हम एक एसी महान हस्ती की कुंडली के बारे मे बात करने जा रहे है, जोकि किसी परिचय की मोहताज नहीं बल्कि इतिहास मे उनका नाम स्वर्ण अक्षर मे लिखा गया है l जो आने वाली पीढ़ियो को एक आदर्श की तरह सराही जाने वाली होगी l श्रीमति इंद्रा गांधी जी का जन्म  1917 मे सूर्य की महादशा में हुआ जोकि उनको 1919 तक प्रभावित करती रही l इंद्रा गांधी जी की जन्म कुंडली मे बुधादित्य योग के कारण और साथ ही इन्हे अपने पिता से ही एक आदर्श नेतृत्व का वरदान प्राप्त हुआ l श्रीमति इंद्रा गांधी का बचपन राजनीति के माहौल मे रहा और शनि देव की राशि मे बैठे चन्द्र देव और उन पर चल रही खराब शनि की दृष्टि  ने उनकी पढ़ाई लिखाई में  बार-बार परेशान किया l इंद्रा गांधी जी की जन्म कुंडली मे उच्चराशि के बैठे  ब्रहस्पति देव ने उनको आर्थिक संपन्नता के योग प्रदान किए l श्रीमति इंद्रा गांधी जी के पिता जवाहर लाल नेहरू एक प्रसिद्ध राजनेता रहे यही गुण उनको उनकी बेटी ��े देखने को मिले l

1919 – 1929 तक चंद्�� ग्रह इनको प्रभावित करते रहे इसी समये मे इनको पढ़ाई से संबन्धित काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा l शनि देव ने चन्द्र को अपनी खराब दृष्टि के कारण इनकी माता को भी कई तरह के शारीरिक कष्ट के योग बनाये साथ ही घर की सुख शांति के भी खराब  होने के योग बनाए l और इसी खराब योग के कारण उनको अपने पिता का ज्यादा सुख नहीं मिल पाया लेकिन पिता का सपोर्ट पूरा मिला l श्रीमति इंद्रा गांधी जी की जन्म  कुंडली पंचम भाव मे बैठे  सूर्य और बुध की युति ने उनको एक रौबदार व्यक्तित्व का मालिक बनाया l मंगल की राशि मे बैठे  बुध औए वाणी स्थान मे बैठे मंगल ने इनको श्रेष्ठ वाणी और अटूट मेहनत करने के योग बनाए l प्रथम भाव मे बैठे  शनिदेव ने उनको उच्च कोटी का वक्ता बनाया और राजनीत के गुण तो उनको लभेष मे बैठे गुरु ने दे दिये l

श्रीमति इंद्रा गांधी जी की जन्म कुंडली मे जैसे ही मंगल का समय आया 1929 – 1936 तक उनको प्रभावित करता रहा l चंद्रमा के घर मे बैठे मंगल ने उनके माता के सुख को खत्म कर दिया l इसी मंगल के समय ने उनको बेवजह की मेहनत के योग बनाए l श्रीमति इंद्रा गांधी  जी की जन्म कुंडली मे चंद्रमा के घर मे बैठे मंगल ने और उच घर मे बैठे केतु ने इनको बाहर के योग प्रदान किए l

1936 से जैसे ही राहू का समय आया एक नया मोड उनकी जीवन मे आया तब शुक्र राहू के योग ने इस समय प्रेम संबंध के योग बनाए l इसी समय मे उन्होने राजनीति मे अपना पहला कदम रखा  l 1942 मे राहू मे राहू के समय ने उनको जेल जाने तक के भी योग बनाये l और इस योग के कारण प्रेम विवाह के योग भी बनाए l लेकिन नीच राशि मे बैठे  शुक्र के कारण वैवाहिक जीवन के सुख अच्छे नहीं रहे l वैवाहिक जीवन मे उनको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा l इसी समय मे इनको संतान सुख की प्राप्ति हुई l उच्च के केतु के योग के कारण उनको पुत्र संतान की प्राप्ति हुई l

1954 मे जैसे ही इंद्रा गांधी जी की जन्म कुंडली ब्रहस्पति देव का समय आया उनको पिता के सुख की कमी का सामना करना पड़ा l नीच भाव मे बैठे शनि ने इनको पिता और सेहत दोनों से परेशान करने के योग बनाए l इसी गुरु मे गुरु मे समय ने इनको राजनीति के सुख प्रदान किए l पंचम भाव के सूर्य बुध ने उनको श्रेष्ठ बुद्धि और दूसरे भाव मे बैठे मंगल ने इनको अटूट मेहनत के योग प्रदान किए l जिसके कारण वह एक सफल राजनेता के रूप मे उभर कर आयी l इंद्रा गांधी जी की जन्म कुंडली मे बैठे उच्च के केतु ने उनको राजनीति मे एक बहुत अच्छा नाम प्रदान किया l उच्च की राशि में और लाभ स्थान के गुरु ने उनको देश के नेतृत्व का विशेष योग प्रदान किया l

श्रीमति इंद्रा गांधी जी की जन्म कुंडली मे 1970 मे शनि का समय चला जोकि काफी चुनौती वाला समय रहा l श्रीमति इंद्रा गांधी जी की जन्म कुंडली मे नीच के बैठे शनि ने उनके नेम फेम को नही काफी खराब किया उनको कई तरह के आरोपो का सामना कराया और साथ ही पुत्र संतान के भी सुख खराब हुए l श्रीमति इंद्रा गांधी जी की जन्म कुंडली मे शनि का जब मारकेश योग बना जिसके कारण वह मृत्यु तुल्य योग उनके बने l जिसमे की वह धोके का शिकार होते हुए मृत्यु को प्राप्त हो गई l



 
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