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Amitabh Bachchan
NAME:

Amitabh Bachchan

DATE OF BIRTH:11 October 1942
TIME OF BIRTH:04:00 PM
PLACE OF BIRTH:Allahabad, Uttar Pradesh
Amitabh Bachchan kundali


अमिताभ बच्चन जी का जन्म प्रयागराज, उत्तर प्रदेश, में हुआ।  इनके पिता, डॉ॰ हरिवंश राय बच्चन प्रसिद्ध हिन्दी कवि थे, जबकि उनकी माँ तेजी बच्चन कराची से सम्बन्ध रखती थीं।आरंभ में अमित जी का नाम इंकलाब रखा गया था जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान प्रयोग में किए गए प्रेरित वाक्यांश इंकलाब जिंदाबाद से लिया गया था। लेकिन बाद में प्रसिद्ध कवि सुमित्रानंदन पंत ने इनका नाम 'अमिताभ' रखा। 'अमिताभ' अर्थ है, "शाश्वत प्रकाश"। यद्यपि इनका उपनाम श्रीवास्तव था फिर भी इनके पिता ने इस उपनाम को अपने कृतियों को प्रकाशित करने वाले बच्चन नाम से उद्धृत किया। यह उनका उपनाम ही है जिसके साथ उन्होंने फ़िल्मों में एवं सभी सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए उपयोग किया। अब यह उनके परिवार के समस्त सदस्यों का उपनाम बन गया है।

श्री अमिताभ बच्चन का जन्म सन् 11 अक्टूबर 1942 में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में हुआ था। उनका जन्म राहु की महादशा में हुआ था जोकि 1955 तक उनके जीवन को प्रभावित करती रही। इस दशा ने उनको एक नेक इंसान बनाया क्योकि लग्न में केतु के कारण ऐसा इंसान नेक दिल व दूसरों की मुसीबत अपने सर पर लेने वाला होता है परंतु उनकी कुंडली उनके काम व सेहत को लेकर अनेक संमस्या उनके जीवन में उत्पन करती रही।  

सन् 1971 से 1990 तक का अरसा शनि का था जोकि उनकी सेहत व माँ की सेहत को प्रभावित करता  रहा तथा सूर्य, शुक्र, मंगल व बुध ने आठवे घर में बैठकर उनके अंदर प्रेम की भावना पैदा करी जिसके कारण उनका आकर्षण रेखा से रहा परंतु सन् 1973 में उनका विवाह जया भादुड़ी से सम्पन्न हुआ और इसी के चलते उनकी कुंडली में एक योग और भी आया कि अगर उनका उनका बेटा गुरुवार के दिन जन्म लेगा तो वह अपनी जिंदगी में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखेंगे और अभिषेक का जन्म गुरुवार को ही हुआ और उस दौर के बाद अमिताभ ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 

परन्तु सातवें घर में राहु तथा आठवें घर में शुक्र ने पत्नी का गुस्सा बढ़ाया और उनकी सेहत को खराब करने का भी काम किया तथा सन् 1990 से 2007 तक बुध की दशा रही जोकि उनके अपने काम-काज व सेहत के लिए बिल्कुल अच्छी साबित नहीं हुई क्योकि बुध आठवें घर में बैठ व्यक्ति का काम-काज व मानसिक दिक्कतें प्रदान करता है तथा तभी उन्होंने नीलम का सहारा प्राप्त करते हुए इस दौर में भी सामान्य जीवन व्यतीत किया। बुध, मंगल, शुक्र की युति ने उनको पेट से सम्बंधित दिक्कते व खून से सम्बंधित दिक्कतों का सामना करवाया जैसे की लीवर से सम्बंधित।

इस समय शुक्र की महादशा चल रही है। यह दशा सन् 2014 से 2034 तक उनके जीवन में अनेक मुसीबतें लेकर आयेगी। इस दशा में उनको व उनकी पत्नी की सेहत व स्वभाव में परिवर्तन देखने को मिलेगा तथा पत्नी का गुस्सा बढ़ाने का काम करेगी तथा रुपये पैसे का ख़राब होना भी संभव होगा और अस्पताल के चक्कर भी काटने पड़ेंगे क्योकि यह दशा उनकी सेहत को पूरी तरह खराब व जोश गिराने का काम करेगी।

 



 
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