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हिंदू संस्कृति और ज्योतिष में केले के पेड़ का महत्व और उपयोग

हिन्दू धर्म और ज्योतिष दोनों में ही केले के पेड़ का प्राचीन काल से लेकर अब तक बहुत बड़ा महत्व है। हिन्दू धर्म के अनुसार केले के पेड़ में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी जी का निवास होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार केले के पेड़ का संबंध मुख्य रुप से बृहस्पति देव से होा है। जिन जातको की जन्म कुण्डली में बृहस्पति कमजोर होता है, उन लोगो के लिए केले के पेड़ की पूजा बहुत ही फलदाई मानी जाती है। हिन्दू संस्कृति में केले के पेड़ को पूजने से वैवाहिक दोष, घर की अशांति तथा कलह दूर हो जाती है। केले के पेड़ को सुख, समृद्धि और शांति प्रधान करने वाले पेड़ों की श्रेणी में रखा जाता है। 

केले के पेड़ का हर हिस्सा जैसे केले के फल, केले के पत्ते, केले का तना हमारी हिन्दू धर्म की पूजा में बहुत ही शुभ माना जाता है। इसके हर हिस्से में पवित्रता और शुद्धता होती है इसी कारण इसे हर पूजा में प्रयोग करना उचित माना जाता है। प्राचीन काल से लेकर अब तक इसके पत्तों का उपयोग हम भोजन करने के लिए करते है। ज्योतिष की मान्यता के अनुसार सात गुरुवार नियमित विधि विधान से केले के पेड़ की पूजा करने से हमारी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। 

ज्योतिष शास्त्र कहता है कि जिन जातकों की जन्म कुण्डली में मंगल दोष होता है, यदि उनका उनका विवाह पहले केले ��े पेड़ से करवा दिया जाता है तो उनका मांगलिक दोष दूर हो जाता है। हिन्दू संस्कृति में शुभ कार्यों के पूर्व घरों  के दरवाजों में केले के पत्ते लगाना बहुत ही शुभ माना गया है। जो लोग इस प्राचीन परंपरा को निभाते है, उनके शुभ कार्यों में कोई बाधा नही आती है और वह बिना किसी विध्न के पूर्ण हो जाते है।

केले के पेड़ की पूजा करने से वैवाहिक जीवन सुखी रहता है। ज्योतिष शास्त्र के कहे अनुसार जो जातक पुखराज लेने में सक्षम नही है वह केले की जड़ को किसी पीले धागे से बांध कर गले या फिर दाहिने हाथ में धारण कर लें तो जितना फल पुखराज को धारण करने से मिलता है ठीक उतना ही फल केले के जड़ से प्राप्त हो जाता है 

हिन्दू धर्म में हर पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण भगवान अर्थात भगवान विष्णु जी की पूजा का विधान होता है और उनकी पूजा में मुख्य रुप से केले के पत्ते तथा केले के फल पूजा के रुप में लाये जाते है। ऐसा इसलिए किया जाता है, कि भगवान विष्णु जी को पीले फल बहुत पसंद है और उनका वास केले के पेड़ में होता है। शादी विवाह के समय मंडप का निर्माण भी केले के पत्तो तथा केले के पेड के तने से किया जाता है।

वर्तमान समय में भी दक्षिण भारत में केले के पत्तों का उपयोग भोजन के परोसने में किया जाता है। केले के पत्ते इतने शुद्ध और पवित्र होते है, कि इसमें खाना खाने से सेहत और स्वास्थ्य बहुत ही अच्छा रहता है। क्योंकि जब केले के पत्तों में भोजन परोसा जाता है तो केले के पत्ते में उपास्थित पोषक तत्व हमारे भोजन में मिल जाते है और रोगों तथा बिमारियों से बचाने में हमारी मदद करते है।

Significance and Uses of Planting Banana Tree

 

Free Prediction Yes I Can Change Date Published : 15 Nov 2019
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