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Sundar Pichai
NAME:

Sundar Pichai

DATE OF BIRTH:12 July 1972
TIME OF BIRTH:12:00 PM
PLACE OF BIRTH:Chennai, Tamil Nadu
Sundar Pichai kundali


इनका जन्म शनि की महादशा में हुआ जो कि इनके जन्म से पहले 1955 से शुरू होकर 1974 तक चली शनि देव इनकी कुंडली में 9वे भाव में शुक्र के साथ बैठे हैं शनि और शुक्र कि युति उच का केतू बनाती है और ऐसा इंसान एक बहुत अच्छी सोच का मालिक होता है। इसके साथ ही इनकी कुंडली में चन्द्र मंगल बुध और केतू 11वे घर में बैठे हैं जिस कारण इन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा होगा और वो दिक्कतें खासकर इनकी माता जी कि सेहत को लेकर हुई होगी और इनके स्वभाव के अंदर गुस्सा भी भरपूर होगा। इनकी कुंडली के अंदर बन रहे योगों को देखते हुये राहु पांचवे घर में और सूर्य 10 वे घर में अच्छी जॉब के कारक तो होता है लेकिन इनकी पढ़ाई और इनके पिता जी कि सेहत के लिए कुछ अच्छे फल नहीं देता। बचपन के अंदर इनका पढ़ाई से भी मन भटकता रेहता होगा और यह एक एक गुस्सैल प्रवृती वाले रहे होंगे और इसके साथ ही एक अच्छी सोच के मालिक भी रहे हैं जिस कारण आगे जाकर इनको उच्चाइयों पर बैठने का मौका मिला। सूर्य इनकी कुंडली में 10वे भाव में बैठे हैं जिस कारण इनके पिता का इनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका रही होगी। 10वे घर को कर्म स्थान माना जाता है और वहाँ पर सूर्य का बैठना जिन्हें पिता का कारण माना जाता है। हम यह भी मान सकते हैं इनके कैरियर को बनाने में इनके पिता जी ने अहम भूमिका निभाई होगी। इनकी कुंडली में बन रहे योगों के कारण इन्हें यह भी ध्यान रखने कि जरूरत है कि यह अपने घर में कभी भी सफ़ेद रंग की गाय न रखें और 25 साल से पहले शादी न करें क्योकि अगर यह घर में सफ़ेद गाये रखते हैं तो इनके घर कि सुख शांति के लिए कुछ खास सही नहीं होगा और अगर 25 साल की उम्र से पहले इनकी शादी होती है तो इनको शादी-शुदा जीवन में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इनके जन्म से लेकर 1972 से 1974 तक इनकी कुंडली शनि कि महादशा से प्रभावित रही और शनि देव इनकी कुंडली में 9वे भाव में शुक्र के साथ बैठे हैं जो कि काफी अच्छे माने जाते हैं लेकिन शनि का संबंध 5वे और 11वे घर के साथ होने के कारण वो समय इनकी और इनकी माता जी कि सेहत को लेकर कुछ खास अच्छा नहीं रहा होगा और वो समय इनके परिवार के लिए आर्थिक समस्याएँ भी लेकर आया होगा जिस कारण घर की सुख शांति में भी दिक्कतें आने के योग बने हुये थे। इनकी कुंडली में बन रहे योग के कारण जिस घर में इनका जन्म हुआ उसे छोडकर एक और मकान बनाते हैं तो उसके 17 साल बाद का समय हर तरह से इनके अनुकूल होगा। 

 

1974-1991 के समय में इनकी कुंडली में बुध कि महादशा चली और बुध देव इनकी कुंडली में 11वे भाव में चन्द्र केतू और मंगल के साथ बैठे हैं और इनके ऊपर राहु की दृष्टि भी पड़ रही है जिस कारण यह समय इनके लिए अच्छे और बुरे हालात दोनों लेकर आया होगा बुध के अंतर जब भी चन्द्र का समय आया होगा वो समय इनके लिए कुछ सही हालात लेकर आया होगा जैसे कि घर कि सुख शांति और आर्थिक समस्या को लेकर। इस दशा के अंदर इनकी उम्र अभी 3-4 साल कि ही थी तो इनका जो स्वभाव होगा वो गुस्सैल जरूर होगा लेकिन इनका दिमाग बहुत अच्छा होगा जिस कारण यह छोटी उम्र में भी बातों को कम समय में समझ जाते होंगे। इसी दशा में इनका पढ़ाई का समय भी था तो इनकी कुंडली को देखते हुये कह सकते हैं कि यह स्कूल में पढ़ाई के साथ साथ लढाईयाँ भी करते होंगे क्योकि मंगल के ऊपर राहु की दृष्टि इंसान को झगड़ालू भी बनाती है। इसके साथ ही बचपन में इनको पढ़ाई में ध्यान लगाने में भी काफी दिक्कतें आती होंगी। बुध के ऊपर राहु की दृष्टि इनके दिमाग को तेज बनाती है और ऐसे इंसान को किसी भी क्षेत्र में खोज करने की पढ़ाई या काम करें तो इनके लिए अच्छा रहता है और आगे जाकर इनहोने साइन्स में एम.बी.ए भी किया। 

 

1991-1998 में इनकी कुंडली के अनुसार केतू कि दशा चली और केतू देव इनकी कुंडली में 11वे भाव में चन्द्र मंगल और बुध के साथ बैठे हैं और इसके आलावा केतू के ऊपर राहु की दृष्टि भी पड़ रही है जिस कारण ऐसे इंसान के सोचने की ताकत तो अच्छी होती है लेकिन चंद्र के खराब होने से इंसान के अंदर उतावलापन और मानसिक तनाव जैसी दिक्कतें देता है यह समय इनकी माता जी कि सेहत के लिए भी पूरी तरह से अनुकूल नहीं रहा होगा किसी भी तरह से माता के सुखों में कमी होने के योग उस समय में बन रहे थे।  लेकिन शनि शुक्र के मेल केतू अच्छा हो जाता है तो जब भी केतू कि दशा के अंदर शनि या शुक्र का समय आया होगा तो वो समय हर तरह से इनके अनुकूल रहा होगा और इसी समय के अंदर इनहोने अपनी पढ़ाई में अच्छा मुकाम हासिल किया। 1998-2018 में इनकी कुंडली शुक्र की महादशा से प्रभावित रहेगी। शुक्र इनकी कुंडली में 9वे भाव में शनि के साथ बैठे हैं। इस यह समय इनके लिए काफी अनुकूल है जैसे कि बतया था कि शुक्र शनि के साथ मिलकर उच्च का केतू बनाते हैं  यह समय इनके कैरियर के लिए बहुत सही समय है इस समय यह अपनी सोच और विचारों के कारण एक मुकाम हासिल करेंगे और इसी दशा में इन्होंने 2015 के अंदर एक मुकाम हासिल किया भी जीएसएम कि यह गूगल में CEO बने। अब इस समय इनके लिए ध्यान रखने की जरूरत है कि यदि यह अपने घर में बने मंदिर को बार बार न बदलें तो इनके लिए सही रहेगा।

 




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