बस अब दु:ख और नहीं
Call Us: +91-124-6674671


Recent added

Shilpa Shinde

षिल्पा षिन्दे का जन्म 28 अगस्त 1977 बुम्बई में मंगल की महादषा मे हुआ था। षिल्पा षिन्दे के पिता एडवोकेट थे। और उनकी माँ हाउस मेकर है। षिन्दे परिवार में षिल्पा दो बहने और एक छोटा भाई हैं।

षिल्पा के पापा चाहते थे। कि वो लॉ करे परंतु षनि$षुक्र के मेल के कारण वह लॉ में न जाते हुए। फिल्म जगत और अपनी रचनात्मक कला को आगे बढ़ाने का काम किया जिस कारण मंगल की दषा में वह अपनी मेहनत और हौसले के बल पर आगे बढ़ती गई।

सितम्बर 1982-2000 ये समय राहु की महादषा का था। जिसके कारण अनेक प्रकार से प्रभावित करती रही । जिसके कारण इनके योगो में सूर्य खराब होने के कारण पिता को बिमारी की अवास्था में घेरे रखा। राहु के काल  ने पिता पर प्रभाव डालते हुए अलजाइमर के रोग से ग्रसित कर दिया । लेकिन राहु की ही दषा में षिल्पा षिन्दे एक्ट्रेष के रूप में 1999 में अपना पहला टेलीविजन षो स्टार प्लस के साथ जुड कर काम किया। जिसमे गुरू की महादषा का प्रवेष 2000-2016 में हुआ इस दौरान 2013 में पिता का सुख उनसे छीन लिया। लेकिन गुरू की महा दषा में इन्होने अपना स्थान अभिनय क्षेत्र मे बनाया।

मंगल ने इनकी मेहनत का परिणाम इनको दिया लेकिन गुरू की महादषा के कारण बदनामी का दौर भी साथ-साथ चलता रहा, जिसके कारण 2016 में निर्माताओं के साथ कीय गये षो को छोड दिया - ये समय षनि महादषा की षुरूआत का था। षनि के प्रभावी होने के कारण-काम काज से दूर रखा लगभग एक वर्श तक। 

षनि की महादषा में जब षनि ने प्रवेष किया, तब इसी दौरान भारतीय टी.बी. रियालिटी षो (बिग-बॉस सीजन 2011) में एक भागीदार बन कर गयी, और 14 जनवरी 2018 को विजेता घोशित किया, यह दषा इनको आगे बढ़ने का काम करेगी। लेकिन धोखा खाने की संभावना बनी रहेगी । यदि वह मकान की नवीनीकरण से संबंधित काम अपनी 48 साल से पहले करवाती है । तो यह वक्त इनके लिए बहुत हानिकारक सिद्ध हो सकता है।

 

 

 

Know More
Sonam Kapoor

अभिनेत्री सोनम कपूर का जन्म 9 जून 1985 में मुम्बई शहर में फिल्म अभिनेता अनिल कपूर के घर हुआ था। इनके जन्म राहु की महादशा के अंतरगत हुआ था जोकि इनके जीवन में 1995 तक रही।  जिसने इनके व्यक्तित्व के अंदर मौज, मस्ती के शौक उत्पन्न किये और इनको खर्चीले प्रवर्ति का बनाया।  बचपन से ही नई-नई जगहों पर घूमने का शौक भी उत्पन्न कराया परन्तु इनकी कुंडली में नवे घर में बैठे राहु, शुक्र के मेल ने इनके जीवन में अनेक भटकाव पैदा करने के काम किया तथा संस्कारों में भी कमी बनाई और यही योग व्यक्ति में जोश की कमी, चर्म ( त्वचा ) के रोग भी उत्पन्न करता है।  

 

इनकी कुंडली में बैठे सूर्य बुध के मेल ने इनको 22-23 साल की उम्र में पिता के सहयोग के कारण कला के क्षेत्र में अभिनेत्री बनने का मौका प्रदान किया परंतु शनि केतु तीसरे घर के मेल ने इनके जीवन को काफी संघर्ष पूर्ण बनाते हुए कठिनाइयां पेश कराई।  यह योग इन्सान के जीवन में कठिनाई, संघर्ष व अटूट मेहनत के बाद ही जीवन में कामयाबी की सीढ़ी प्राप्त करता है।  

 

आज की दशा के अनुसार जोकि शनि ( 2011 से 2030 ) की है उनके जीवन में उतार-चढ़ाव की स्थितियां पैदा करेगा।  2008 से 2021 तक इनका गलत आदतों की तरफ जुकाव पैदा कर सकता है तथा 2021 से 2024 तक इनको माता-पिता की सेहत व मानसिक, शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

 

Know More
Ali Zafar

अभिनेता अली जफ़र का जन्म 18 मई 1980 में जिला लाहौर पाकिस्तान में गुरु की दशा हुआ था।  जोकि मई 1988 तक रही जिसकी वजह से इनको सुख, समृद्धि व संस्कार दिये साथ ही इनको अपने बड़े बुगुर्गों के नक़्शे कदम पर चलने के लिए प्रोत्साहित भी किया। 

 

अली जफ़र की कुंडली के अनुसार गुरु, मंगल ने इनको संस्कारों में रहना व दूसरों के प्रति आदर और सम्मान करना तथा स्वम की मेहनत से आत्म निर्भर बनाया परंतु इनके 11 वे भाव में बैठे चंद्र, शुक्र के मेल ने इनके अंदर घमंड की भावना भी पैदा की तथा इस योग में माता पिता व जीवन साथी को अनेक दुःख तकलीफों का सामना करना पड़ता है तथा साथ ही साथ इनकी माता को विवाह के बाद सेहत व घर की सुख शांति, मन की सुख शांति, रुपये पैसे का सुख व जीवन साथी के सुखों में कमी के हालात भी पैदा करता है।  

 

इनकी जन्मकुंडली में सूर्य, बुध के मेल ने इनके जीवन में कला के क्षेत्र में सफलता प्रदान करते हुए इनकी गायक व अभिनय से जुड़ने का काम किया तथा साथ ही साथ आगे बढ़ने का हौसला भी प्रदान किया परन्तु यह योग इन्सान को काबिल होने के बावजूद सिफारिश का सहारा व किसी की मदद लेकर आगे बढ़ने का सुख प्रदान करता है तथा इनकी जन्मकुंडली के अनुसार इनको नाभि से नीचे के रोग व पेट की समस्यां व त्वचा के रोगों की समस्यां बनाता है। 

 

 

इनकी जन्मकुंडली के अनुसार व एक कामयाब गायक तो जरूर बन सकते है परन्तु अभिनय के क्षेत्र में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।  साथ ही साथ अपने जीवन में इर्षा व घमंड की भावना रखेंगे तो अपना नाम प्रसिद्ध करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और आज की दशा के अनुसार  2019 तक अनेक विचारों का आगमन अवश्य होगा परंतु उस पर उपलब्धियां प्राप्त होंगी।  

 

Know More
Zareen Khan

जरीन खान का जन्म सन् 1987 में शनि की महादशा में हुआ था। यह दशा इनके जीवन में 1997 तक प्रभावित करती रही तथा इनके जीवन में पिता के सुखों व अपनी सेहत, स्वभाव में खराबियाँ पैदा करती रही। शनि पाचवे घर में होने के कारण उनको पड़े का सुख पूरा नहीं मिला और इसी योग ने पिता से मन मुटाव व पिता की सेहत पर असर डालने का काम किया।  

 

इनकी कुंडली में गुरु + राहु के मेल के कारण इनके घर के अंदर बड़े लोगों को साँस की, दमे की बीमारी होने का योग भी बनाया।  इसी योग के कारण इनको अपने जीवन में अपने संस्कारों से भटकने का काम भी किया। यह योग दुर्घटना, क्लेश की स्थिति को भी जन्म देता है और जीवन में उतार चढ़ाव की भी स्थिति बनता है। आज की दशा के अनुसार जोकि केतु की है इनके जीवन में रुपये-पैसे की समस्यां, माँ की सेहत में खराबी रहेगी। 

 

अगस्त 2017 के बाद सितम्बर 2018 तक इनके जीवन में धोखा मिलने की सम्भावना रहेगी साथ ही साथ वह अपने घर के अंदर तोड़-फोड़ या घर की मरम्मत कराती है तो ये वक्त उनके लिए बहुत हानिकारक सिद्ध हो सकता है। साथ ही साथ अप्रिय घटना घटित होने की सम्भावना भी रह सकती है।

 

Know More
Varun Dhawan

अभिनेता वरुण धवन का जन्म 24 अप्रैल 1987 में गुरु की महादशा के अंतरगत हुआ जिसने इनके घर में बड़े बुजुर्गों की सेहत व स्वभाव की खराबी के साथ साथ घर के अंदर साँस की समस्यां भी उत्पन्न कराई तथा ज्ञान में भी कमी के हालात पैदा कराये जिससे की इनकी पढ़ाई लिखाई में इनको अनेक संघर्ष व दिक्कतों का सामना करवाया तथा मन के अंदर इर्षा व द्वेष की भावना भी उत्पन्न करी।  

 

 वरुण धवन की जन्म कुंडली के अनुसार बचपन में वह बड़े शरारती व जिद्दी स्वभाव के रहे होंगे।  जिसके चलते इनके पिता को अनेक कष्टों का सामना करना पड़ा होगा। साथ ही केतु तीसरे भाव में बैठकर व्यक्ति को नकारात्मक सोच का मालिक बनाता है तथा अपने मामा परिवार के हालातों को भी खराब करने का काम करता है। ऐसे में व्यक्ति अपनी ज़िद व अकड़ में अपने मान सम्मान को कई बार चोट पहुचता है। 

 

सन् 1985 से 2014 तक इनके जीवन में शनि की महादशा रही।  जिसने इनकी पढ़ाई लिखाई, माता पिता के सुख, सेहत, स्वभाव, आर्थिक स्थिति व मानसिक स्थिति, प्रेम संबंधों में खराबी पैदा की। परंतु इनकी जन्मकुंडली में बैठे सूर्य दसवे घर में होने के कारण इनको इनके पिता से सहयोग प्राप्त होते हुए जीवन में कला के क्षेत्र में जोड़ने का कार्य किया तथा फिल्म कला में भी सफल साबित हुए। 

 

परंतु यह योग इंसान को कामयाब पिता के रहते रहते ही बनाता है।  इनकी जन्मकुंडली में नवे घर में बैठे गुरु, राहु, बुध, शुक्र, के मेल ने इनकी पढ़ाई लिखाई में खराबी उत्पन्न की और साथ ही कला व मौज मस्ती प्रदान की।  जिसके चलते व पिता की सहायता से व फिल्म क्षेत्र में आये और सफल अभिनेता बने।  

 

आज की दशा के अनुसार जोकि बुध की है इनके जीवन में सन्  2031 तक उतार चढ़ाव लेन का काम करेगी तथा साथ ही बुआ, बहन, बेटियों के जीवन में किसी न किसी रूप में खराबी उत्पन्न करेगी जिसके चलते वह अपने जीवन को सुखमय व्यतीत न कर सकेंगे तथा इस दशा में सन् 2017 तक इनको नाभि से नीचे की तकलीफे होने की सम्भावना रहेगी तथा काफी संघर्ष पूर्ण जीवन व्यतीत होगा। 2017 के सफल हीरो होंगे।

 

Know More
Arbaaz Khan

अरवाज खान का जन्म सन् 4 अगस्त 1967 में गुरु की महा दशा के अंतर्गत हुआ था। जोकि इनके जीवन  में 1974 तक रही। इस दशा ने इनको संस्कार प्रदान करने का काम किया साथ ही साथ अपने घर के रीती रिवाज सीखने का काम किया तथा गुरु और सूर्य का दसवे घर में बैठे युति ने इनको जीवन में पिता का सहयोग प्राप्त करते हुए कार्य क्षेत्र से जुड़ने का काम किया। 

 

इनकी जन्मकुंडली के अनुसार मंगल केतु का मेल लग्न में होने के कारण ऐसा व्यक्ति में गुस्सा, अहंकार व साफ़-स्पष्ट बोलने के कारण मुँह का कड़वा बनाने का काम करता है साथ ही साथ इस योग में 27, 28, व 29 उम्र के दौरान बड़े भाई को मृत्यु तुल्य कष्टों का सामना भी प्रदान करता है तथा अगर ऐसा व्यक्ति पूजा पाठ में ज्यादा लीन हो व साधु संतों को घर बैठाकर खाना खिलाने वाला हो तो व्यक्ति के कार्य क्षेत्र में अनेक प्रकार के उतार चढ़ाव की स्थिति रहती है। यह योग पुत्र संतान की उत्पत्ति में बाधाएं उत्पन्न करता है तथा किसी न किसी प्रकार पुत्र सुखों में कमी के हालात भी उत्पन्न करता है व किसी न किसी रूप में जीवनसाथी को मानसिक व शारारिक समस्यां से घेरे रखता है तथा आज की दशा के अनुसार जोकि केतु की होने के कारण सन् 2010 से 2017 जुलाई तक पुत्र के सुखों में खराबी के हालात पैदा करता है तथा मानसिक परेशानियों का दौर जीवन में लगाए रखता है।  नाभि से नीचे व खून की समस्यां से घेरे रखता है।  

 

इसी के चलते जुलाई 2017 के बाद इनका जीवन सुख में व्यतीत होगा जीवनसाथी के सुखों की खराबी भी उत्पन्न कराएगा या फिर जीवन साथी को मानसिक व शारारिक कष्टों का सामना करवाएगी।  

 

Know More


Contact Info
Follow Us
           
     

We accept all these major cards

Copyright © 2005 - 2017. G D Vashist & Associates Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
हिंदी में पढ़े