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Akshay Kumar
NAME:

Akshay Kumar

DATE OF BIRTH:09 September 1967
TIME OF BIRTH:12:45 PM
PLACE OF BIRTH:Amritsar, Punjab
Akshay Kumar kundali


इनका जन्म गुरु कि महदशा में हुआ है और गुरु इनकी कुंडली में 9वे भाव में बैठे हैं। इनकी कुंडली में सूर्य कि स्थिति भी अच्छी नहीं है जिस कारण इनके जन्म के बाद इनके पिता को किसी न किसी प्रकार कि दिक्कतें आई। इनकी कुंडली में मंगल लग्न में होने के कारण यह खेलों कि तरफ ज़्यादा रुचि रखते हैं और यही मंगल इन्हें हिम्मती भी बनाता है जिस कारण यह मार्शलाट सीखे और उसके कोच भी बनें और यहीं से इनके कैरियर कि शुरुआत भी हुयी यह एक एक्शन हीरो की छवि में मशहूर हुये। इनका स्वभाव आशिक़ाना भी होगा और एक इनकी बुरी आदत होगी जो कि दूसरों में कमियाँ निकालना हो सकती है और इसी सोच के कारण इन्हें बार बार अपनी जिंदगी के अंदर उतार चड़ाव भी देखने को मिलेंगे। 

 

महादशा

इनके जन्म के दो साल बाद इनकी कुंडली में गुरु कि दशा बदल कर शनि कि दशा शुरू हुयी और यह दशा 19 साल (1969-1988) तक चली इस टाइम के अंदर यह एक शरारती बच्चे रहे होंगे जिनका  ध्यान अपनी पढ़ाई को छोडकर इधर-उधर कि हरकतों में ज़्यादा रेहता होगा और ऐसे में यह भी संभव है कि इनके पिता के साथ इनका ताल-मेल कुछ खास अच्छा न होगा और इनके कारण इनके पिता को मुसीबतों का सामना करना पड़ा होगा पर दिमागी तौर पर यह बहुत तेज़ थे लेकिन इस समय में यह अपने दिमाग का इस्तेमाल सिर्फ खेलों में या शरारतें करने में लगते थे।

 

1988 में इनकी बुध कि दशा शुरू हुई जिस दौरान इन्होंने अपना फिल्मी कैरियर शुरू किया और बुध इनकी कुंडली में 11वे भाव में बैठे हैं जिनके ऊपर शनि कि सीधी दृष्टि आ रही है और गुरु के साथ संबंध होने के कारण इन्हें शुरू का समय तो निराशा का सामना करना पड़ा जिस कारण ऐसा इंसान अपने लक्षय को तेजी से प्राप्त करता चला जाता हैं। उसी के कारण अगले ही साल इनकी फिल्म में इन्होंने नाम भी कमाया। ऐसे में जब भी इनकी बुध कि महादशा के अंदर गुरु का समय आया होगा वो समय भी इनका निराशा जनक रहा होगा ऐसे में यह भी कह सकते हैं कि इनका कोई भी समय (डबल्यू) के जैसा नहीं रहा होगा समय-समय पर इनके जीवन में कठिनाइयां आती हैं। इनकी जन्म कुंडली में जो बुरे ग्रह योग है जोकि इनके जीवन को बार बार दुखो में लेकर जाते हैं। इनके काम अच्छी तरह नहीं चलने देते। हर अच्छे समय के बाद बुरा समय आता रहेगा।

इनकी कुंडली में बन रहे सूर्य शुक्र के योग के कारण इनकी शादी-शुदा जिंदगी भी ज़्यादा अच्छी नहीं होगी खासकर इनके अपने स्वभाव के कारण बार-बार दिक्कतें पैदा होंगी। 

 2012 से 2032 तक इनकी कुंडली में शुक्र कि दशा चलेगी इस दशा में इनकी सेहत के अंदर और इनके ग्रहस्थ जीवन के अंदर परेशानीयां पैदा होगी। इस समय इनको कई प्रकार की कठिनाईयां एवं निराशाएं देखने को मिल सकती है। आपके दूसरों के साथ मतभेद उत्पन्न होंगे जो चिंताजनक रहेंगे। आपके अपने नजदीकी रिश्तेदारों या मित्रों के संबंधों में उतार-चढाव देखने को मिलेंगे तथा पारिवारिक मामलों में भी उथल-पुथल हो सकती है। आपको आर्थिक मामलों एवं सामाजिक मामलों में सावधानी बरतनी चाहिए। इस समय आपका मन बहुत कमजोर होगा और आपकी भावनाओं को बहुत जल्दी ठेस पहुंचेगी। आपको अपने चाल-चलन का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि इस समय में आप विपरीत लिंग की तरफ ज्यादा आकर्षित होंगे।

 

आपका गृहस्थ जीवन तो ठीक ठाक होगा परंतु जीवनसाथी की सेहत में कोई ना कोई तकलीफ बनी ही रहेगी या जीवनसाथी में गुस्सा अधिक होगा। आपका चरित्र खराब होने की संभावना बहुत अधिक रहेगी लेकिन यदि आपने अपना चरित्र किसी भी प्रकार खराब किया तो आपको आर्थिक तौर पर बहुत बुरे हालातों का सामना करना पडेगा और फिर आपके पिता को भी कोई ना कोई परेशानियां बनने लगेंगी। आपका मान-सम्मान भी अच्छा नही रहेगा। आपके घर में छोटी-छोटी बातों पर लडाई-झगडे होने के हालात बनेंगे।

 




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