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क्या है चन्द्रमा और बुध का आपसी संबंध

क्या है चन्द्रमा और  बुध का आपसी संबंध-

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मनुष्य के जीवन को ग्रहों की चाल संचालित करती है। व्यक्ति के जन्म के समय ग्रहों की जो दशा होती है उसी के आधार पर उसके भविष्य का आकलन किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन ग्रहों की उत्पति कैसे हुई। या फिर ये एक दूसरे के शत्रु या मित्र कैसे बने?

विज्ञान के पास तो इन सवालों के जवाब आपको नहीं मिलेंगें लेकिन हमारे धार्मिक ग्रंथों में ऐसी अनेक कथाएं मौजूद हैं जो इनकी उत्पति व आपसी संबंध को विस्तार से बता सकती है। बुध को बुद्धि का कारक माना जाता है तो इन्हें गंधर्वों का प्रणेता भी। बुद्धि का स्वामी बृहस्पति को माना जाता है तो गंधर्व विशेषज्ञ चंद्रमा को कहा जाता है। अब बुध में ये दोनों गुण कैसे आये|

बृहस्पति की पत्नी तारा के गर्भ से उत्पन बुध को बृहस्पति भी अपना पुत्र मानता है तो  इधर चन्द्रमा भी बुध को अपना पुत्र मानता है| चंद्र और बृहस्पति के बीच मन-मुटाव होने लगा और आपस में युद्ध होने लगा और बुध भी सत्य को जानने के लिए अपनी माँ तारा से पूछने लगे | तारा के सत्य बताने पर बुध को चन्द्रमा का पुत्र  सभी देवताओं ने स्वीकार किया और चन्द्रमा को बुध के पिता का स्थान दिया| 

चन्द्रमा ने बुध का नामकरण संस्कार कर के लालन -पालन के लिए अपनी पत्नी रोहणी को दे दिया और बुद्ध को रौहिणेय भी कहने लगे | तारा के गर्भ से जन्मे  बुध को अपनी माँ तारा  से वंचित कर रौहिणेय को दे देने के कारन बुध का  अपने पिता चन्द्रमा से आपसी सम्बन्ध बिगड़ गए और एक शत्रुता बढ़ने लगी| इस लिए  जन्मकुंडली  में शत्रु और  मित्रता फल देखा जाता है  बुध  यदि चन्द्रमा के साथ बैठा हो या चन्द्रमा के घर पर  तो उस घर पर  शुभ फल न दे कर विपरीत फल देता है |

किसी समस्या या जानकारी के लिए आप निचे दिए गए लिंक पे क्लिक कर जानकारी ले सकते हैं:-   https://goo.gl/1YW4G8

 

Date Published : 29 Sep 2017
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